ओडिशा में सामुदायिक भागीदारी और डिजिटल पहल के साथ कोविड-19 का मुक़ाबला


दिल्ली : कोविड-19 के खिलाफ केंद्र सरकार ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सक्रिय भागीदारी के साथ एक सामूहिक युद्ध छेड़ दिया है। कई राज्यों ने केंद्र द्वारा सुझाई गई सलाह,दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल के बड़े दायरे में तदनुकूलकार्यनीति विकसित की है।
ओडिशा ने कोविड के खिलाफ अपनी कार्यनीति में आईटी का सक्रिय उपयोग करने,स्थानीय सरपंचों को सशक्त बनाने,समुदाय की भागीदारी के माध्यम से अपने कुशल स्वास्थ्य देखभाल बल का निर्माण करने और कमजोर समूहों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है। इससे कम मृत्यु दर के साथ राज्य सरकार पर बीमारी का बोझ कम हो गया। इनमें निम्नलिखित प्रमुख पहल शामिल हैं:
‘सचेतक’ऐप के जरिए सह-रुग्ण और वरिष्ठ नागरिकों को सहायता
भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी)ने शहर के सह-रुग्ण और बुजुर्ग नागरिकों को जांच के उच्च दायरे में रखने के लिए एक मोबाइल ऐप ‘सचेतक’विकसित किया है। इसमें परिवार के एक सदस्य को देखभालकर्ता के रूप में पंजीकृत किया गया है। घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिएवार्ड स्तर पर सचेतक समिति के एक स्वयंसेवक को देखभालकर्ता के रूप में निर्धारित किया गया है। वे कमजोर लोगों को बचाने के तरीकों में निपुण होते हैं। इस ऐप के माध्यम से लोग कोविड से बचने के लिए जरूरी संसाधनों का पता लगा सकते हैं, डॉक्टरों से परामर्श कर सकते हैं, कोविड क्वारंटीन पर नई जानकारी हासिल कर सकते हैं और कोविड के पॉजिटिव मामले की ताजा स्थिति पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस ऐप से प्राप्त आंकड़ों से नगर निकायों को लक्षित स्वास्थ्य शिविरों के लिए योजना बनाने में मदद मिलती है।
प्रभावी निगरानी के लिए सरपंचों का सशक्तिकरण
राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 के तहत जिला अधीक्षकों के अधिकारों को ग्राम पंचायतों के सरपंचों को उनके अधिकार क्षेत्र में सौंप दिया है। महामारी रोग अधिनियम 1897 को ओडिशा कोविड-19 विनियम,2020 के साथ जोड़ दिया गया है। इससे खासकर बाहर से लौट रहे प्रवासियों को 14दिन के लिए क्वारंटीन में रखने के नियमों की निगरानी करने में मदद मिल रही है।

टेलीमेडिसिन सेवाओं की तैनाती
104 हेल्पलाइन के अलावा एक नि:शुल्क टेलीमेडिसिन हेल्पलाइन सेवा (14410)को चालू किया गया है। इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) सिस्टम पर आधारित मॉड्यूल से लैसइस हेल्पलाइन सेवा (14410) सेचिकित्सा सलाह मिलती है और 300 से अधिक कुशल चिकित्सा पेशेवरों की मदद से कोविड-19 से संबंधित विभिन्न संसाधनों को लेकर लोगों को जानकारी दी जाती है। इससे लोगों में भय और आशंका को कम करने में मदद मिली है।
चिकित्साकर्मियों की क्षमता वृद्धि
ओडिशा सरकार ने कोविड मरीजों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए 1.72लाख स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया है। एक अभिनव कदम के रूप मेंगंजम जिला प्रशासन क्वारंटीन केंद्रों में हजारों प्रवासियों को सफाई जैसे कार्यों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के रूप में प्रशिक्षित कर रहा है। इस काम को अन्य जिलों में भी दोहराया जा रहा है।

Credit : PIB India 
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