बरसात के दिनों में गांव से बाहर निकलना हुआ मुश्किल


कहलगांव  : भागलपुर जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर स्थित सनहौला प्रखंड के सनोखर थाना क्षेत्र के बिहार झारखंड सीमा स्थित सिलहन खजुरिया पंचायत के बेलडीहा गांव के ग्रामीणों को पक्की सड़क सुविधा आजादी के 73 साल बीत गये लेकिन पक्की सडक नसीब नहीं है। जिसके कारण बेलडीहा गांव के ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बरसात के प्रारंभ होने के साथ ही ग्रामीणों की परेशानी बढ़नी शुरू हो जाती है। बरसात के दिनों में किसी को अगर गांव से बाहर निकलने की नौबत पड जाती है तो गांव से बाहर नहीं निकल पाता है  यहां तक की गांव से मोटरसाइकिल लेकर बाहर निकला मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को पक्की सड़क पर आने के लिए करीब एक किलोमीटर की दूरी पैदल कीचड़ युक्त फिसलन भरे कच्ची सड़क के रास्ते तय करनी पड़ती है। बेलडीहा के ग्रामीणों को मुख्य सड़क पर आने के  लिए बरसात में कच्ची-सड़क पूरी तरह से फिसलन भरा होता है। ऐसे में ग्रामीणों खासकर बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए बेहद कष्टकर होता है।

बेलडीहा गांव के इमाम बड़ा से बासुकि पासवान तक जाने के लिए कच्ची सड़क है पक्की सड़क पर जाने के लिए करीब एक किलोमीटर दूरी पड़ती है। वार्ड सदस्य शंभू पासवान, जब्बार हाजी, सुबोध पासवान , अवधेश पासवान, नवीन पासवान, आदि ने कहा कि विकास की इस तेज दौड़ में यह गांव आज भी मुलभूत सुविधाओं से काफी दूर है। इस मामले जब सिलहन खजुरिया पंचायत के मुखिया सुभाष चंद्र भगत से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से प्रकलन तैयार हो गया ग्रामीण विकास विभाग की अधिकारी की लापरवाही से टेन्डर की प्रक्रिया नहीं हो पा रहा है।

- बालकृष्ण कुमार, उजागर मीडिया ब्यूरों कहलगांव।
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