महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की व्यापक भागीदारी; स्वतंत्रता के उत्सव के साथ गांव के भविष्य और जनभागीदारी का भी लिया गया संकल्प
महागामा, गोड्डा (झारखंड):-। स्वतंत्रता दिवस पर महागामा प्रखंड का कुसमारा पंचायत देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। गांव की गलियों से लेकर समारोह स्थल तक उत्साह का माहौल रहा और 500 से अधिक महिला, पुरुष, युवा, बच्चे और बुजुर्ग इस आयोजन के सहभागी बने। 80वें स्वतंत्रता दिवस का यह समारोह केवल तिरंगे के सम्मान और आजादी के उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि “हम अपने गांव को कैसा बनाना चाहते हैं?” इस सवाल को भी केंद्र में लेकर आया।
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के साथ देश की आजादी के लिए संघर्ष और बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं महापुरुषों को नमन किया गया। झारखंड के जननायक भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष और आदर्शों को याद करते हुए यह संदेश दिया गया कि आजादी की विरासत को आगे बढ़ाने का सबसे सार्थक तरीका अपने समाज और गांव के प्रति जिम्मेदारी निभाना है।
कार्यक्रम में Yoga Healers Organization (YHO) के Founder & Director Kunal Christopher, Coordinator David John, कुसमाहरा पंचायत के मुखिया Jogendra Rajak सहित पंचायत प्रतिनिधि, स्थानीय गणमान्य नागरिक, YHO के सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
आजादी मिली है, अब गांव को सशक्त बनाने की जिम्मेदारी
समारोह का प्रमुख संदेश रहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी नाम है। देश की प्रगति की असली तस्वीर उसके गांवों से बनती है। जब गांव स्वच्छ होंगे, लोग स्वस्थ होंगे, महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी, युवाओं को अवसर मिलेगा और नागरिक अपने पंचायत के विकास में भागीदार बनेंगे, तभी सशक्त भारत की नींव और मजबूत होगी।
इसी सोच को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाते हुए Yoga Healers Organization (YHO) कुसमाहरा में अपने 360° पंचायत सशक्तिकरण अभियान के माध्यम से समुदाय को विकास प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है।
इस पहल में स्वच्छ एवं हरित पंचायत, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवा एवं खेल, रोजगार एवं स्वावलंबन, जनभागीदारी तथा डिजिटल एवं प्रगतिशील पंचायत जैसे क्षेत्रों को एक साथ जोड़कर पंचायत के समग्र विकास पर जोर दिया जा रहा है।
सबसे बड़ी ताकत बनी लोगों की भागीदारी
समारोह की सबसे खास तस्वीर मंच की नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी की रही। महिलाओं से लेकर युवाओं तक, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक—समाज के अलग-अलग वर्ग एक साथ इस आयोजन का हिस्सा बने।
युवाओं को विशेष रूप से अपने गांव के भविष्य के निर्माण में आगे आने के लिए प्रेरित किया गया। “युवा सोच बदलो, युवा दिशा बदलो, युवा भविष्य बदलो” के संदेश के साथ नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी, रोजगार एवं स्वरोजगार, खेल, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया गया।
महिलाओं की भागीदारी को भी पंचायत के सामाजिक और आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उन्हें स्थानीय निर्णय, जागरूकता और आत्मनिर्भरता की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय रूप से जोड़ने का संदेश दिया गया।
आयोजन नहीं, निरंतर बदलाव की पहल
YHO द्वारा कुसमाहरा में शुरू की गई पहल को केवल विशेष अवसरों और कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय निरंतर सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझना, उनकी आवाज को सामने लाना, पंचायत स्तर पर समाधान की प्रक्रिया को मजबूत करना और लोगों को अपने गांव के विकास का सक्रिय भागीदार बनाना है।
संदेश स्पष्ट रहा—पंचायत का विकास केवल सरकार, किसी संस्था या जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी नहीं है; इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
कुसमाहरा से उठा ‘सशक्त पंचायत–सशक्त भारत’ का संदेश
80वें स्वतंत्रता दिवस पर कुसमाहरा से “युवा सशक्त – पंचायत सशक्त – गांव सशक्त – देश सशक्त” का संदेश सामने आया।
देश की आजादी का जश्न मनाते हुए ग्रामीणों ने स्वच्छ, स्वस्थ, जागरूक, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील कुसमाहरा के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
देशभक्ति के उत्साह के बीच कुसमाहरा का यह आयोजन एक महत्वपूर्ण संदेश छोड़ गया—आजादी हमें विरासत में मिली है, लेकिन एक बेहतर गांव और बेहतर भारत का निर्माण हमारी जिम्मेदारी है।
ब्यूरो रिपोर्ट,जावेद

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