मदरसा दिग्घी में पुस्तक विमोचन व दस्तारबंदी कार्यक्रम, शिक्षा समाज की तरक्की की कुंजी
ब्यूरो रिपोर्ट गोड्डा: महगामा प्रखंड अंतर्गत मदरसा दिग्घी में किताब के विमोचन एवं दस्तारबंदी का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा के महत्व और समाज के समग्र विकास पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम में पूर्व सांसद फुरकान अंसारी के साथ अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष पी. सोलोमन सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने शिरकत की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गांव और इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुदृढ़ व्यवस्था समय की सबसे बड़ी जरूरत है। बिना शिक्षा के समाज आगे नहीं बढ़ सकता। बच्चों को अच्छी तालीम मिले, इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। शिक्षा ही वह माध्यम है, जो सामाजिक कुरीतियों को दूर कर प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है। कार्यक्रम में तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया गया— (1) माताए रमजान, (2) मुश्तर्का खानदानी निज़ाम, (3) खत्मे नबुअत। इन पुस्तकों के लेखक मौलाना कमरुज्जमा नदवी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि तालीम के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है।
कार्यक्रम में झारखंड मदरसा शिक्षक संघ के महासचिव हामिदुल गाज़ी, वरिष्ठ नेता अनवारूल होदा, मौलाना शम्स तबरेज, महगामा प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष मो. मिन्हाज, सदस्य इकरारूल हसन सहित अनेक शिक्षक, बुद्धिजीवी और तालीम से जुड़े उत्साही लोग उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में जनाब क़ाज़ी सफीक, पूर्व सांसद जनाब फुरकान अंसारी (गोड्डा), जनाब अनवारूल होदा, जनाब अफताब नदवी (धनबाद), मौलाना इरशाद साहब (प्रतापगढ़, यूपी) एवं अन्य गणमान्य शामिल थे। कार्यक्रम की गरिमामयी उपस्थिति ने शिक्षा के महत्व की अलख जगाई और समाज को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया।


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