महगामा की मिट्टी में घुली ईद की मिठास, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अपनों के बीच बांटी खुशियां

 


​•सियासी प्रोटोकॉल छोड़कर जनता के द्वार पहुंचीं ग्रामीण विकास मंत्री, कसबा से गोरगवां,सुंदरचक,समरी तक दिखा गंगा-जमुनी तहजीब का अनूठा संगम।

गोड्डा: भारत की संस्कृति में त्योहारों का अर्थ केवल उत्सव नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और प्रेम की डोर को मजबूत करना होता है। महगामा विधानसभा क्षेत्र में इस बार की ईद कुछ इसी संदेश के साथ मनाई गई। क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक और सूबे की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस पवित्र अवसर पर 'जन-नेत्री' से 'पारिवारिक सदस्य' की भूमिका निभाते हुए पूरे प्रखंड में खुशियों की सौगात बांटी।

​गांव-गांव पहुंचीं, माताओं-बहनों से मिला स्नेह ​ईद के मुबारक मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का काफिला सुबह से ही महगामा के विभिन्न अंचलों की ओर निकल पड़ा। उन्होंने केवल मुख्य सड़कों तक खुद को सीमित नहीं रखा,बल्कि कसबा, सुंदरचक और गोरगवां जैसे ग्रामीण इलाकों की तंग गलियों में पहुंचकर लोगों को चौंका दिया। मंत्री का यह सादगीपूर्ण अंदाज स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

​वहां मौजूद महिलाओं और बुजुर्गों ने उनका स्वागत एक राजनेता के रूप में नहीं,बल्कि अपने घर की बेटी और बहन के रूप में किया। मंत्री ने भी प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना अपनी माताओं और बहनों से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। छोटे बच्चों को दुलारते हुए उन्होंने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। ग्रामीण परिवेश में जब एक कैबिनेट मंत्री जमीन पर बैठकर लोगों का दुख-दर्द साझा करती है, तो वह दृश्य लोकतंत्र की खूबसूरती को बयां करता है।



समरी पंचायत में उमड़ा जनसैलाब


​दौरे का एक मुख्य पड़ाव समरी पंचायत भवन रहा, जहां एक भव्य 'ईद मिलन समारोह' का आयोजन किया गया था। मुखिया मिनहाज आलम के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों ने मंत्री का अभूतपूर्व और गर्मजोशी से स्वागत किया। समारोह का माहौल पूरी तरह से उत्सवमय था।

​समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भावुक नजर आईं। उन्होंने जनता के साथ अपने जुड़ाव को शब्दों में पिरोते हुए कहा, "राजनीति अपनी जगह है, लेकिन मानवीय रिश्ते सर्वोपरि हैं। आप सभी का निस्वार्थ प्यार और अटूट स्नेह ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी और शक्ति है। महगामा की यह धरती हमेशा से ही आपसी भाईचारे और अमन-चैन की मिसाल रही है।" उन्होंने आगे कहा कि ईद का यह पर्व हमें त्याग, समर्पण और मानवता की सेवा की सीख देता है। मेरी दुआ है कि महगामा का हर घर खुशियों से रोशन रहे और हमारी यह साझी संस्कृति युगों-युगों तक अक्षुण्ण बनी रहे।


विकास के साथ विश्वास की डोर

स्थानीय प्रबुद्धजनों का मानना है कि मंत्री का यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं था, बल्कि यह लोगों के बीच उनके प्रति विश्वास को और गहरा करने की एक कोशिश थी। समरी पंचायत के मुखिया मिनहाज आलम ने कहा, "मंत्री जी का हमारे बीच आना और आम आदमी की तरह गले मिलना हमें यह अहसास दिलाता है कि हमारा प्रतिनिधित्व एक संवेदनशील हाथ में है।गोरगवां,कसबा और सुंदरचक,समरी के युवाओं ने भी मंत्री के इस पहल की जमकर सराहना की। युवाओं का कहना था कि अक्सर नेता चुनाव के समय नजर आते हैं,लेकिन दीपिका पांडेय सिंह हर सुख-दुख और त्योहार में हमारे साथ खड़ी रहती हैं।


लोगों से दौरे पर संवाद 

पूरे दौरे के दौरान मंत्री ने विभिन्न ईदगाहों के बाहर खड़े लोगों से भी संवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्र में शांति,समृद्धि और खुशहाली के लिए दुआ मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में उनकी प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है,लेकिन एक जन-प्रतिनिधि के रूप में उनका लक्ष्य दिलों को जोड़ना है।शाम ढलते-ढलते मंत्री का यह दौरा एक उत्सव में तब्दील हो चुका था। जगह-जगह लोगों ने उन्हें दुआएं दीं और उनके बेहतर स्वास्थ्य व लंबी राजनीतिक पारी की कामना की। महगामा के इतिहास में यह ईद न केवल पकवानों की मिठास के लिए,बल्कि मंत्री और जनता के बीच बढ़ते भावनात्मक सेतु के लिए भी याद रखी जाएगी।

_जावेद रजा,ब्यूरो रिपोर्ट,उजागर मिडिया 

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