कहलगांव (भागलपुर): सनोखर थाना क्षेत्र के बेलडीहा गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के छठे दिन भक्ति की अविरल धारा बही। कथा वाचक बाल व्यास विष्णु वैष्णव जी महाराज ने प्रभु श्री राम और केवट प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर पांडल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा के दौरान महाराज ने कहा कि केवट और भगवान श्री राम का मिलन भक्ति और प्रेम की पराकाष्ठा है। उन्होंने बताया कि किस तरह केवट ने भगवान के चरणों को धोए बिना उन्हें नाव पर बैठाने से इनकार कर दिया था। केवट का यह हठ कोई अहंकार नहीं, बल्कि अपने आराध्य के प्रति अटूट विश्वास और अनन्य प्रेम का प्रतीक था। विष्णु वैष्णव जी ने जोर देकर कहा कि भगवान धन-दौलत या वैभव के नहीं, बल्कि केवल सच्चे 'भाव' के भूखे होते हैं। जो भक्त निष्काम भाव से प्रभु को पुकारता है, ईश्वर उसकी पुकार अवश्य सुनते हैं।
महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें केवट के जीवन से समर्पण, सरलता और विनम्रता की सीख लेनी चाहिए। उन्होंने समाज में सेवा भाव अपनाने का आह्वान किया। कथा के दौरान पूरा वातावरण 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
इस अवसर पर जनार्दन दास, नवीन कुमार निराला, आयोजन समिति के सदस्य बालकृष्ण कुमार, नंदलाल पासवान, सुबोध पासवान, अशोक यादव, जोगिंदर यादव, सुबोध यादव, मिथुन शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और दूर-दराज से आए श्रद्धालु उपस्थित थे।
-बालकृष्ण कुमार

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