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| मासूम को छोड़ गये दुखन, छोटी सी उम्र उठ गया पिता का साया |
- आत्महत्या के कारणों का फिलहाल अबतक कोई खुलासा नहीं
- पुलिस कर रही है छानबीन
पथरगामा / गोड्डा : शनिवार की रात्री पथरगामा थाना क्षेत्र के दाढ़ी घाट में स्वर्गीय मिस्त्री राउत के 32 वर्षीय पुत्र दुखन राउत ने घर के छप्पर में रस्सी का फंदा बनाकर अपने जीवन कि लीला समाप्त कर ली। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है।
घटना की सूचना पाकर पथरगामा थाना के अवर निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह घटनास्थल पर पहुंचकर लाश को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गोड्डा भेज दिया। चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया से यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, जांच चल रही है जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। मृतक दुखन अपने पीछे पत्नी यशोदा देवी के अलावा पांच वर्षीय पुत्री सलोनी कुमारी और दो वर्षीय पुत्र जीतू राउत को छोड़ गया। मृतक की पत्नी यशोदा देवी ने बताया कि शनिवार की संध्या गांव के ही बगल शिवकिता में ही रहने वाली मौसी के घर में पूजा हुआ था। उसी का प्रसाद खाने के लिए दोनों पति-पत्नी गए हुए थे।
रात में यशोदा देवी वहीं रुक गई और दुखन अपने घर लौट आया। सुबह जब वह घर लौटी तो घर का दरवाजा अंदर से बंद पाकर पीछे के खिड़की से ईटा हटाकर झांका तो दुखन रस्सी से लटकते हुए पाया गया। ग्रामीणों के सहयोग से खिड़की तोड़कर अंदर पहुंच लाश को उतारा गया तबतक उसकी मौत हो चुकी थी। यशोदा देवी ने बताया कि एक माह पूर्व ही दोनों यहां आए हैं।
इससे पूर्व सरैयाहाट स्थित ननिहाल में रहते थे। मृतक का ससुराल नीमा बताया जाता है। आस-पड़ोस के लोगों ने इन लोगों के बारे में ज्यादा कुछ भी जानकारी होने से इनकार किया। पड़ोसियों का कहना था कि यहां रहता ही कहा था जो हम लोग इसके बारे में जानेंगे। मृतक गोवा में काम करता था। लॉकडाउन के चलते ननिहाल सरैयाहाट लौट गया था। पड़ोसियों का कहना था कि पति पत्नी में कोई झगड़ा झंझट भी नहीं हुआ था।
- शशि कुमार भगत, पथरगामा।

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