गोड्डा: पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश ने मंगलवार को महागामा पुलिस द्वारा पकड़े गए भारी मात्रा में जब्त विस्फोटक पदार्थ के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना के संबंध में मीडिया को जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार की रात्रि महागामा गस्ती पुलिस को मोहनपुर चौक के समीप गोड्डा के रास्ते तेज गति से आ रही एक सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी एवं उसके पीछे आ रही एक एलपी ट्रक को पुलिस रोकने का इशारा किया लेकिन उक्त वाहन चालक वाहन को तेजी से मोहनपुर से ललमटिया जाने वाली सड़क से होकर निकल गई।
पुलिस संदेह के आधार पर उक्त दोनों वाहनों को रोकने के लिए पीछा किया लेकिन वाहन चालक अपने गाड़ी के गति को और तेज कर भगाने लगे। इसके बाद पुलिस ओवरटेक कर गाड़ी को बलिया मीठ दुकान के पास रुकवाने में सफल रहे लेकिन ट्रक चालक गाड़ी को खड़ाकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने में सफल रहा लेकिन गाड़ी का खलासी पुलिस के हाथे पकड़ा गया।
इसी बीच स्कॉर्पियो गाड़ी ललमटिया की ओर भागने में सफल रहा पुलिस एलपी ट्रक को जप्त कर थाने ले आई। जहां उप चालक से पूछे जाने पर वह अपने को ट्रक का खलासी बताया साथ ही अपना नाम सरफू खान, पिता स्वर्गीय शाहिद खान, ग्राम गोढ़ी बांध, थाना कतरास, जिला धनबाद बताया है। पकड़े गए व्यक्ति से पूछे जाने पर भागने वाले व्यक्ति का नाम अख्तर अंसारी बताया है।
भागने वाला व्यक्ति ट्रक चालक था। पूछताछ के दौरान खलासी ने कई राज खोले हैं। पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि गाड़ी की जब तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ लोड़ थे जिसे जब्त किया गया।
उन्होंने कहा कि ट्रक में जेनेटिक स्टिक विस्फोटक पदार्थ-2061 पीस और जेनेटिक सिंगल वायर विस्फोटक पदार्थ-50पीस, जेनेटिक डबल बार विस्फोटक पदारपदार्थ 200 पीस कुल 300 जनेटिक वायर बरामद किया गया। बताया गया कि जेनेटिक स्टिक छत्तीसगढ़ और जेनेटिक वायर आंध्र प्रदेश का प्रोडक्ट डब्बे में अंकित है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भारी मात्रा में बरामद जेनेटिक स्टिक कहां से आ रहा था और कहां जा रहा था उसकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए महागामा अनुमंडल पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है जो जांच पड़ताल कर पूरी डिटेल उपलब्ध कराएंगे उन्होंने कहा कि यह विस्फोटक कोयला और क्रेशर खदान में उपयोग के लिए अवैध रूप से तश्तरी की जा रही थी। यह तश्तरी पूर्व में भी होता होगा उन्होंने कहा कि अक्सर जेनेटिक स्टिक 500 से 600 ग्राम तक का ही होता है लेकिन यह 3 किलो वजन का है जो काफी घातक है।
इस विस्फोटक पदार्थ से काफी नुकसान हो सकता था। इस घटना में महागामा अनुमंडल पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र चौधरी का योगदान काफी सराहनीय रहा उनके अथक प्रयास से ही महागामा पुलिस को यह सफलता हाथ लगी।
मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र कुमार चौधरी, पुलिस निरीक्षक पंकज झा, थाना प्रभारी फागू होरो, प्रशिक्षु अवर निरीक्षक मनोज उरांव, पल्लवी हुजूर, शंकर यादव ,अजीत कुमार समेत अन्य ससस्त्र थे।
- ब्यूरो रिपोर्ट उजागर मीडिया।


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