हनवारा: महागामा प्रखण्ड मुख्यालय स्थित परसा पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय पड़रिया में नामांकित छात्र एवं छात्राओ को मध्यान भोजन के 48 दिन का कार्य दिवस का चावल व कुकिंग कॉस्ट की राशि एवं अंडा की राशि वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी महागामा से बीते 7 जुलाई को ही किया है। लेकिन अब तक किसी तरह के कोई प्रशासनिक कार्रवाई नही होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार परसा पंचायत के पड़रिया गांव में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मु मुस्लिम अपने मनमाने ढंग से इस वैश्विक महामारी में स्कूल के मध्यान भोजन कार्य दिवस का चावल व राशि वितरण में घोर अनियमितता बरती गई है। नामांकित बच्चों को मध्यान भोजन की राशि, अंडा की राशि एवं बच्चों का कुकिंग कॉस्ट की राशि मे अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से गबन कर लिया गया है। कुल 48 दिन का कार्य दिवस के रूप में चावल व कुकिंग कॉस्ट व अंडा फल की राशि वितरण करने का आदेश स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने दिया था।
लेकिन अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक की मनमाने ढंग से वर्ग एक से लेकर पांच तक के बच्चों को 48 दिन कार्य दिवस का चावल 4.800 किलो व कुकिंग कॉस्ट और अंडा फल की राशि मिलाकर 322 रुपये के बजाय 3 किलो चावल व 150 रुपये वितरण किया गया है। वहीं कक्षा छह से लेकर आठवीं तक के बच्चों को 7.200 किलो चावल व कुकिंग कॉस्ट की राशि और अंडा फल की राशि 440 रुपये के बजाय 225 रुपये ही वितरण किया गया है। ग्रामीणों का आरोप यह भी है कि प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मु मुस्लिम ने स्कूल को कमाई का जरिया बना लिया है। स्कूल के हित मे कोई भी कार्य होता है तो वे सभी कार्यो को मनमाने ढंग से किया करते है।
गौरतलब हो कि इस कोरोना जैसे वैश्विक महामारी में गरीब किसानों के बच्चों का इस तरह से बेखौफ हक मारा गया है। लेकिन उक्त अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक के ऊपर आवश्यक प्रशासनिक कारवाई नही होने से मनोबल आसमान छू रहा है। जबकि ग्रामीणों का मनोबल उस समय सिमट गया जब शिकायत करने से सफ्ताह भर गुज़र जाने के बाद कारवाई नही हो रहा है।
गांव के कुछ बुद्धिजीवी वर्ग के लोगो का कहना है कि प्रशासन द्वारा कार्रवाई नही होना यह बेहद चिंताजनक विषय है। जिस कारण घोटालेबाजो का मनोबल परवान चढ़ रहा है। ग्रामीणों द्वारा लिखित आवेदन देकर बीते 7 जुलाई को ही न्याय की गुहार लगाई थी। अब देखने वाली बात यह होंगी की प्रखंड प्रशासन कब तक इस मामले को संज्ञान में लेकर उक्त आरोपी के विरुद्ध जांच कर आवश्यक कार्यवाही करेंगे।
- उजागर मीडिया टीम, हनवारा।

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