बिहार में एक बार फिर लॉकडाउन


बिहार:- पूरे बिहार में एक बार फिर से लॉकडाउन लगा दिया गया है। हाईलेवल मीटिंग के बाद राज्य सरकार ने इसका एलान किया है। लॉकडाउन की ये मियाद 16 जुलाई से 31 जुलाई है। गृह विभाग को अधिसूचना जारी करने के आदेश दे दिया गया है। राज्य सरकार ने आलाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया है। इस बैठक में राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों की समीक्षा के बाद अंतिम तौर पर लॉकडाउन पर सहमति बनी है और आदेश दे दिया गया है। लेकिन माना जा रहा है कि अगर इस दौरान कोरोना के संक्रमण पर काबू नहीं पाया गया तो फिर लॉकडाउन की अवधि और बढ़ाई भी जा सकती है।

लॉकडाउन के दौरान इन सेवाओं पर रहेगी छूट

लॉकडाउन के दौरान जरुरी सेवाओं पर पहले की तरह छूट रहेगी। मेडिकल सेवाएं, दवा दुकान, किराना दुकान, फल, सब्जी की दुकान, मीडिया दफ्तर आदी पहले की तरह खुले रहेंगे।

बेकाबू हो गए हैं हालात

बिहार में कोरोना बेकाबू हो गया है। हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि मरीजों को अस्पताल में जगह तक मयस्सर नहीं है। अस्पतालों में लाश के साथ मरीजों का इलाज किए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। कई ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें अस्पताल के बाहर मरीज और उनके परिजन बेड मुहैय्या कराने को लेकर गुहार लगाते नजर आ रहे हैं। सीएम हाउस और पुलिस मुख्यालय से लेकर करीब-करीब हर सरकारी दफ्तर तक कोरोना का संक्रमण बढ़ चुका है। रोजाना एक हजार से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं।

पहली बार 23 मार्च को लगा था लॉकडाउन

बिहार में पहली बार 23 मार्च की रात को लॉकडाउन लगाया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन किया गया। पहले लॉकडाउन की अवधि 31 मई तक थी। इसके बाद एक जून से अनलॉक 1.0 और जुलाई से अनलॉक 2.0 प्रभावी किया गया। अनलॉक शुरू होने के साथ ही कोरोना के मामले तेजी से बढने लगे। 

अब 1 हजार से ज्यादा केस आ रहे हैं सामने

पहले जहां पूरे प्रदेश से 50 से 100 के आसपास कोरोना मरीज सामने आ रहे थे। अब ये संख्या बढ़कर 1 हजार से ज्यादा हो गई है। पिछले कई दिनों से 11 सौ से 12 सौ तक नए संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। माना जा रहा था कि अगर लॉकडाउन नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। 

15 जिलों में पहले लगा था लॉकडाउन

इससे पहले 7 जुलाई को मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जिलाधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए बैठक कर निर्देश दिया था कि डीएम अपने-अपने क्षेत्र में कोरोना के संक्रमण का आकलन कर लॉकडाउन का निर्णय ले सकते हैं। मुख्यसचिव के निर्देश के बाद पहले भागलपुर में लॉकडाउन लगाया गया उसके बाद पटना और फिर 15 जिलों में लॉकडाउन लगा दिया गया था।  वैसे भी जबतक कोरोनो की वैक्सीन या दवा नहीं आ जाती है तबतक सरकार के लिए लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प बचता है, कोरोना की चेन को रोकने के लिए। 

- ब्यूरों रिपोर्ट, पटना।
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