कोरोना संक्रमित मरीज के मौत के बाद चार शिक्षकों को मिला कमान, गांव के अंदर प्रवेश पर लगी रोक


महागामा: कोरोना संक्रमित पंचायत सचिव प्रदीप पंडित की मौत के बाद अनुमंडल प्रशासन रेस हो गया है। घटना के बाद अनुमंडल पदाधिकारी हरिवंश पंडित और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र चौधरी दल बल के साथ मृतक के गांव सिद्धू कानू चौक जहां मृतक का घर है वहां पहुंच कर ग्रामीणों से पूछताछ कर मामले की जानकारी ली गई।

साथ ही सड़क को बैरिकेडिंग कर अवरुद्ध कर दिया गया है और चार  शिक्षकों को गांव में प्रतिनियुक्त किया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति रास्ते से होकर आ जा नहीं सके और गांव आने वाले व्यक्ति को दूर रखा जा सके फिलहाल गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश पर सख्त मनाई है साथ ही गांव के लोगों को सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन गांव को सैनिटाइजर करने के दिशा में काम कर रही है ताकि संक्रमण के फैलाव पर अंकुश लगाया जा सके। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि जितने भी लोग पंचायत सचिव के संपर्क में आए होंगे उन्हें चिन्हित कर क्वारंटाइन करना उनकी प्राथमिकता होगी। ग्रामीणों का भी मांग है कि जितने लोग मृतक के संपर्क में आए हैं उन्हें जल्द से जल्द चिन्हित किया जाए। घटना को लेकर आसपास के कई गांवों में दहशत का माहौल व्याप्त है।

आसपास के गांव के लोग भी आने -जाने वाले लोगों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर गांव के युवकों को जिम्मेवारी सौंपी है ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति गांव में प्रवेश नहीं कर सके। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक पंचायत सचिव का पुराना घर बाघजोरी है जबकि नया घर सिद्धू कान्हू चौक पर है लेकिन दोनों घरों पर उनका आना जाना लगा रहता था इसलिए दोनों गांवों को ध्यान में रखते हुए सैनिटाइजर समेत अन्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि लोग सुरक्षित रह सके।

- ब्यूरों रिपोर्ट, गोड्डा।
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