झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने में एक महिला की तबीयत बिगड़ी, क्षेत्रों में झोला छाप डॉक्टर का हैं वर्चस्व कायम


महागामा।  प्रखंड क्षेत्र के लहठी पांच प्रतापपुर गांव में बीते दिन झोलाछाप चिकित्सक से इलाज कराने पर एक महिला सावित्री देवी उम्र 21 वर्ष की तबीयत बिगड़ गई।

 वहीं ज्यादा तबीयत बिगड़ते देख कर उसके परिजनों के द्वारा आनन-फानन में  रेफरल अस्पताल महागामा लाया। जहां मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉ नीलिमा कुमारी ने उनके उपचार की एवं उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल गोड्डा रेफर कर दिया। 

वहीं घटना के बारे में पूछे जाने पर उनके पति पिंटू लोहार ने बताया कि 8 दिन पूर्व मेरी पत्नी ने एक बच्चों को जन्म दिया था, एवं जन्म उपरांत बच्चे की मौत हो गई थी।जिसके बाद अचानक से मेरी पत्नी  के पेट में दर्द होने लगा। उसके बाद अपने गांव के एक झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया गया हैं। 

इलाज कराने के बाद इनकी अधिक तबीयत बिगड़ गई  जिसके कारण उन्हें रेफरल अस्पताल महागामा लाया गया है।आपको बता दें कि महागामा क्षेत्रों में झोला छाप डॉक्टरों का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है।

 यह ही नहीं झोला छाप डॉक्टर के द्वारा फर्जी डिग्री हासिल कर गांव, ग्राम, चौक चौराहे, सड़क किनारे अपनी किलिनीक खोलकर बेखौफ होकर इलाज करते हैं। और इसमें से झोला छाप डॉक्टर ऐसे भी है जो बिना डिग्री के भी है। लेकिन जिला प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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