गोड्डा: रविवार को गोड्डा के अग्रसेन भवन में झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ का दूसरा जिला सम्मेलन किया गया।जिसका अध्यक्षता जिला संयोजक मनोज कुमार कुशवाहा ने की।
इस कार्यक्रम के मुख्यतिथि सरोज चौबे ने कहा कि
गरीब घर की महिलाएं और बड़ी संख्या में विधवा महिलाएं स्कूलों में सैकड़ों बच्चों के लिए खाना बनाती हैं और मात्र 1200 रुपए महीना पर काम करती हैं और जीवन गुजर बसर करती हैं।
लॉकडाउन में इनके घर के लोग जो मेहनत मजदूरी करते हैं, उनका भी काम बंद है। ऐसे में इनके घर की स्थिति खराब है। स्कूलों में शिक्षकों को वेतन मिल रहा है, लेकिन खाना बनाने वाली इन गरीब महिलाओं को मानदेय नहीं देना बड़ी ही शर्म की बात है।
रसोइया संघ के प्रदेश अध्यक्ष गीता मंडल ने कहा कि झारखंड में 2004से 2005 में मध्याह्न भोजन योजना का शुरुआत हुआ है, तब से हमारे रसोइया बहनें विद्यालय में खाना बनाकर बच्चों को खिलाने का काम करते आ रहीं है।
करीब 15 साल से लगातार सरकारी विद्यालय में सेवा देने के बावजूद सरकार आज तक नाही इनको योगदान पत्र दिया है औऱ ना समान काम का सामान वेतन लागू किया है।
आजतक जो भी हासिल किया है संगठन व संघर्ष के बल पर ही किया है।
रसोइया बहनें लगातार संघर्ष करते आ रही हैं। लगातार आगे भी हक की लड़ाई के लिए रसोइया संघ और संघर्ष को मजबूत करना होगा।
झारखंड सरकार अगर हमलोगों के साथ किया गया वादा नही निभाती है तो हमलोग आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
वहीं इस कार्यक्रम में नव टीम गठित किया गया जिसमें जिला अध्यक्ष सुरेश्वरि देवी,तालामय हेम्ब्रम सचिव, प्रवक्ता रंजीत कुमार,आईसा बीबी उपाध्यक्ष, अनिता ठाकुर,सिधु देवी,प्रीति कुमारी, सुधा जायसवाल, जया जयंती,दुमका से भुंडा बास्की, देवघर जिला के सदस्य जयदेव सिंह,मुन्नी देवी व चिंता देवी आदि उपस्थित थे।
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