गोड्डा: झारखंड में पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत राज्य की पंचायतों को कुल ₹274 करोड़ की अनुदान (अनटाइड) राशि जारी की गई है। इस फैसले से राज्य के ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण विकास सह पंचायती राज विभाग मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह अनटाइड राशि पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने में पूरी स्वतंत्रता देगी। पंचायतें अब अपनी आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं का चयन कर उन्हें प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगी।
इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, गांवों की आंतरिक सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत, सार्वजनिक परिसंपत्तियों के रखरखाव तथा ग्राम स्तर की बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। इसके अलावा पेयजल, नाली, स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाओं को भी इससे सुदृढ़ किया जा सकेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि वित्तीय सशक्तिकरण से पंचायतें अधिक जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगी। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास होगा, बल्कि आम जनता की दैनिक समस्याओं का समाधान भी तेजी से संभव हो सकेगा। सरकार का उद्देश्य जमीनी स्तर पर विकास को मजबूत कर ग्रामीण झारखंड को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।
-जावेद रजा,ब्यूरो रिपोर्ट,उजागर मीडिया

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